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ऊर्जा भंडारण ईंटें क्या है??

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 वैज्ञानिकों ने लाल ईंटों में ऊर्जा स्टोर करने का एक तरीका खोजा है जो घरों का निर्माण करने के लिए उपयोग किया जाता है। अमेरिका के मिसौरी में सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने एक ऐसी विधि विकसित की है जो सस्ती और व्यापक रूप से उपलब्ध निर्माण सामग्री को "स्मार्ट ईंट" में बदल सकती है जो ऊर्जा को बैटरी की तरह संग्रहित कर सकती है। यद्यपि यह शोध अभी भी अवधारणा के चरण में है, वैज्ञानिकों का दावा है कि इन ईंटों से बनी दीवारें "ऊर्जा की पर्याप्त मात्रा में संग्रहित कर सकती हैं" और "एक घंटे के भीतर सैकड़ों हजारों बार रिचार्ज किया जा सकता है"। शोधकर्ताओं ने लाल ईंटों को एक प्रकार के ऊर्जा भंडारण उपकरण में बदलने का एक तरीका विकसित किया जिसे सुपरकैपेसिटर कहा जाता है।इसमें ईंट के नमूनों पर एक कंडक्टिंग कोटिंग, जिसे पेडॉट के रूप में जाना जाता है, सम्मिलित किया गया था, जिसे बाद में निकाल दिया गया ईंटों के झरझरा ढांचे के माध्यम से, उन्हें "ऊर्जा भंडारण इलेक्ट्रोड" में परिवर्तित किया गया। शोधकर्ताओं ने कहा कि आयरन ऑक्साइड, ईंटों में ...

सिंधु घाटी सभ्यता Part -1 , Sindhu Ghati Sabhyata (Indus Valley Civilization) Part -1

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 सिन्धु घाटी सभ्यता में लोग पत्थर के औज़ारों का काफी उपयोग करते थे, इसके साथ-साथ वे कई धातुओं से भी परिचित थे, इसमें कांसा धातु प्रमुख थी। ताम्बे और टिन के मिश्रण ने कांस्य धातु का निर्माण किया जाता हूँ। सिन्धु घाटी सभ्यता में कला व शिल्प काफी विकसित था, कई स्थानों से उत्तम कलाकृतियों की प्राप्त हुई है। सिन्धु घाटी सभ्यता में बर्तन का निर्माण, मूर्तियों का निर्माण व मुद्रा का निर्माण इत्यादि प्रमुख शिल्प थे। सिन्धु घाटी सभ्यता में कांस्य कलाकृतियाँ, मृणमूर्तियाँ, मनके की वस्तुएं व मुहरें प्राप्त हुई हैं। मनकों का निर्माण कार्नेलियन, जेस्पर, स्फटिक, क्वार्टज़, ताम्बे, कांसे, सोने, चांदी, शंख, फ्यांस इत्यादि का उपयोग किया गया था। सिन्धु घाटी सभ्यता के लोग नाव निर्माण की कला भी जानते थे। औज़ार, हथियार, गहने व बर्तनों के निर्माण के लिए ताम्बा और कांसा धातु का इस्तेमाल किया जाता था। सिन्धु घाटी सभ्यता से फलक, बाट व मनके प्राप्त हुए हैं। मोहनजोदड़ो से हाथ से बुने हुए सूती कपडे का एक टुकड़ा मिला है। उत्तर प्रदेश के आलमगीर मिट्टी की नांद पर बुने हुए वस्त्र के चिह्न मिले हैं। सिन्धु घाटी सभ्यता ...

क्या है राफेल ??

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  भारतीय एयरफोर्स में अगले महीने शामिल हो रहे बहुचर्चित राफेल फाइटर जेट (Rafale Fighter Jets) का पहला बैच बुधवार को भारत पहुंच रहा है. दुनिया का सबसे ताकतवर फाइटर जेट (Powerful Jets in the World) माना जाने वाला राफेल विमान भारतीय वायुसेना की क्षमता को अगले स्तर पर ले जा सकता है. राफेल अपनी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है, ऐसे में वायुसेना में इस विमान के बेड़े को शामिल किया जाना बहुत अहम है. लेकिन आम उत्सुकता का विषय है कि आखिर राफेल कितना ताकतवर है और वायुसेना की क्षमता को किस स्तर तक बढ़ाएगा. जानें, राफेल की खूबियां?? 1. राफेल को दुनिया का सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान माना जाता है. राफेल सैकड़ों किलोमीटर तक अचूक निशाना लगा सकता है.  2. सूत्रों का कहना है कि राफेल में जो हवा से हवा में और हवा से जमीन में निशाना लगाने की क्षमता है, वैसी क्षमता फिलहाल चीन और पाकिस्तान दोनों की ही वायुसेना के किसी एयरक्राफ्ट में नहीं है, जिसके चलते भारत इन दोनों देशों से कहीं आगे है. 3. राफेल में बिल्ड की गई मिसाइलें इसे सबसे अलग लड़ाकू विमान बनाती हैं. राफेल में लगी है मीटियॉर मिसाइल...

क्या है नयी शिक्षा नीति ?

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  नई शिक्षा नीति 2020 भारत की शिक्षा नीति है। इसे भारत सरकार द्वारा 29 जुलाई 2020 को घोषित किया गया। यह भारतीय शिक्षा प्रणाली को 1986 में जारी हुई नई शिक्षा नीति के बाद पहला नया बदलाव प्रदान करती है। पृष्ठभूमि  भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों में कहा गया है कि 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिये अनिवार्य एवं नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जाए। 1948 में डॉ॰ राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग का गठन हुआ था। तभी से राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निर्माण होना भी शुरू हुआ था। कोठारी आयोग (1964-1966) की सिफारिशों पे आधारित 1968 में पहली बार महत्त्वपूर्ण बदलाव वाला प्रस्ताव इन्दिरा गांधी के प्रधानमन्त्री काल में पारित हुआ था। अगस्त 1985 'शिक्षा की चुनौती' नामक एक दस्तावेज तैयार किया गया जिसमें भारत के विभिन्न वर्गों (बौद्धिक, सामाजिक, राजनैतिक, व्यावसायिक, प्रशासकीय आदि) ने अपनी शिक्षा सम्बन्धी टिप्पणियाँ दीं और 1986 में भारत सरकार ने 'नई शिक्षा नीति 1986' का प्रारूप तैयार किया। इस नीति की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण विशेषता यह थी कि इसमें सारे देश के लिए एक समान शैक...